सत्य और धर्म की जीत का प्रतीक है विजयदशमीः विकास शर्मा – भूत बंगला रामलीला मैदान में रावण दहन, रामलीला कमेटी को 25 लाख देने की घोषणा

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सत्य और धर्म की जीत का प्रतीक है विजयदशमीः विकास शर्मा
– भूत बंगला रामलीला मैदान में रावण दहन, रामलीला कमेटी को 25 लाख देने की घोषणा

रुद्रपुर। भूत बंगला स्थित रामलीला मैदान में श्री राम हनुमान देवी मंडल कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के अंतिम दिन दशहरा मेला और रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे महापौर विकास शर्मा ने शुभारंभ किया। इस दौरान भव्य आतिशबाजी के बीच रावण दहन किया गया। महापौर ने रामलीला कमेटी को निर्माण कार्यों के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

कार्यक्रम में आयोजकों ने महापौर विकास शर्मा का जोरदार स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। इस अवसर पर महापौर ने कहा कि विजयदशमी का पर्व असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जीवन हमें सत्य, त्याग, कर्तव्य, धैर्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान राम ने विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का साथ नहीं छोड़ा। उनका जीवन बताता है कि कठिनाइयां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, सत्य और न्याय के रास्ते पर चलने वाला व्यक्ति अंततः विजय प्राप्त करता है।

महापौर ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रामलीला के मंचन के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान राम के आदर्शों, उनके त्याग, माता पिता के प्रति सम्मान, भाईचारे, मित्रता और जनकल्याण की भावना से परिचित होने का अवसर मिलता है। रावण दहन हमें यह भी याद दिलाता है कि अहंकार, अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दें, उनका अंत निश्चित है। विजयदशमी का वास्तविक संदेश तभी सार्थक होगा, जब हम अपने जीवन में बुराइयों को त्यागकर सत्य, सदाचार और मानवता को अपनाएंगे।

उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्योहार समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव, एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजन हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ ही बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं। रामलीला जैसे धार्मिक आयोजनों में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी हमारी सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को आगे बढ़ाने में सभी को सहयोग करना चाहिए।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए मजबूती से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से रुद्रपुर शहर भी तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। अपनी विरासत और परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हुए रुद्रपुर को अलग पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं। भगवान रुद्र के नाम पर बसे इस शहर को उनके नाम के अनुरूप पहचान दिलाने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भगवान शिव का भव्य त्रिशूल शहर की शोभा बढ़ा रहा है और जल्द ही डमरू चौक का निर्माण भी होने जा रहा है। गंगापुर रोड पर तीन प्रसिद्ध मंदिरों को जोड़कर भव्य शिव कॉरिडोर बनाने की योजना है, जहां भगवान शिव की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। गांधी पार्क को राम पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां भगवान राम की विशाल प्रतिमा लगाई जा रही है। इसके अलावा शहर की सीमा पर भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन योजनाओं का उद्देश्य शहर के विकास के साथ उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करना है।

महापौर ने कहा कि नगर निगम अब केवल सफाई, सड़क और नाली तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बहुआयामी संस्था के रूप में जनभावनाओं के अनुरूप काम कर रहा है। जनता से किए गए वायदों को एक एक करके धरातल पर उतारा जा रहा है। करीब एक साल में ही सौ करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। हाल ही में साढ़े 11 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं। इन कार्यों के धरातल पर उतरने से शहर की सुविधाओं और स्वरूप में और सुधार होगा। उन्होंने कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों के साथ उन्हें सेवा का अवसर दिया है, उन पर खरा उतरने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। शहर के विकास के साथ धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक आयोजनों और सामाजिक परंपराओं को प्रोत्साहित करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

कार्यक्रम में दर्जा मंत्री सुरेश कोली, समाजसेवी बिट्टू शर्मा, राजेश गुप्ता, पार्षद प्रमोद शर्मा, पार्षद जगदीप भाटिया, पार्षद बीनू, गौरव जुयाल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष हिमांशु शुक्ला सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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